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किसानों का दुःख

कभी मौसम की मार झेला, तो कभी पूँजी अपनी सारी लुटाई,
किसानो की भी हो दोगुनी आय, और हो उसकी पर्याप्त कमाई।

कवि: श्री ख्याली राम चौधरी
(सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी)
भा.कृ.अनु.प.– राष्ट्रीय कृषि आर्थिकी एवम्
नीति अनुसंधान संस्थान (NIAP), पूसा, नई दिल्ली-12 … Continue readingकिसानों का दुःख

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