जियो तू साल हज़ार

ओ मेरे लाल, तू जिओ साल हजार।
जाए तेरा दिन सुभ और रात भी हो बागो बहार।

बेशक तुम्हारी हर ख्वाहिश हो पूरी और तुझे विजय पर जय मिले हर बार।
जियो मेरे दोस्त तू साल हजार।

नफरत की दुनिया को तू अपनी शीतलता से करदे ठंडा,
यही दुआ मैं करूंगा बार बार।
ओ मेरे यार, तू जिओ साल हजार।

बेशक तुझे मिले खुशी सारी कायनात की, चाहता हूं मैं भी यही यार।
मेरे भाई मेरे भ्रा जिओ तू साल हजार।

मैं भी तेरे तरह तुझे गले लगाने कब से हूं बेसब्र तैयार,
ओ मेरे आंखारे ओ मेरे यार, जिओ तू साल हजार।

✍️✍️✍️  हसनात अनवर
(कक्षा-10+2, अल-शम्स मिलिया कॉलेज),
अररिया, बिहार-854311

 

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