इंसान और दुआ/Human and Prayer

ख़ुदा ने दी है जो मुझको, वही पहचान रहने दो,
मैं इंसां हूं फ़क़त इंसां, मुझे इंसान रहने दो।

ये तोले और बताये है, कमी किरदार की मुझ में,
हिफ़ाज़त से रखी जज़्बात की, मीज़ान रहने दो।

बुलावा आ गया चलता हूं, ख़ाली हाथ जाना है,
जो जोड़ा था बिला वजह, वो सब सामान रहने दो।

ज़माने से है नावाकिफ़, तभी तक है सुकूं इसको,
हर इक मासूम बच्चे को, यूं ही नादान रहने दो।

मदद चाहते हो गर, करना तो ख़ामोशी ज़रूरी है,
मुनादी कर के आए हो, तो अब अहसान रहने दो।

(कलाम: जौनी फ़ौस्टर, अमुवि)

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