अभी भी वक़्त है

संभल जाओ भी वक़्त है
ना कोहराम मचाओ अभी भी वक़्त है
कल पानी, हवा कुछ न होगा
होश में आओ अभी भी वक़्त है II

पेड़ों की छाँव को रहने दो
निर्मल नदियों को बहने दो
जिनसे सुखमय हो ये जग
उनसे मिलकर चलने का वक़्त है
होश में आओ अभी भी वक़्त है II

सब खूब लगाओ वृक्ष घने
धरा अपनी अब स्वर्ग बनें
जीव जगत के इन मित्रों को
गले लगाने का वक़्त है
होश में आओ अभी भी वक़्त है II

नित करो ऐसे प्रयास जिससे जन जीवन महान बनें
अंधकार दूर कर चेतना का संचार जगे
आने वाले युग को ये राह दिखाने का वक़्त है
होश में आओ अभी भी वक़्त है II

– अरुण कुमार
(सलाहकार)
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय,
भारत सरकार, नई दिल्ली

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